Saturday, December 10, 2011

meri kwaise aur tu

ख्वाहिसे मर  गयी फिर भी ख्वाब  देखने के अरमान जिंदा हैं, न ख़ुशी हैं न कोई गम  हैं, न धरकण    हैं न आंखें न नम  हैं, फिर भी हम जिंदा हैं, हमारा क्या, तू अपनी उफ्फां में मचलती एक नदी हैं, और हम महज़ एक किनारा हैं, हमे अब क्या कोई और तोरेगा या समेटेगा, हम तो खुद तेरी धरा में बहके खुद को खोने के लिए जिंदा हैं, तुझे पाने के लिए जिंदा हैं.

Sunday, July 3, 2011

जा कर कह दो जग वालो उनसे,

जा कर कह दो जग वालो उनसे, 
इतना रुलाना भी ठीक नहीं,
सताए हैं वो भी,
यूँ दोनों सताए ये ठीक नहीं |

 

Wednesday, September 22, 2010

ढूंढो यारों मेरा आसमां खो गया ; मैन निकला था अपना जहाँ ढूंढने , मैन खुद कहा खो गया |

ढूंढो यारों मेरा आसमां खो गया ;  मै निकला था अपना जहाँ ढूंढने , मै खुद कहा खो गया |

Tuesday, September 21, 2010

वादों वफ़ा पे हमने जीना छोड़ दिया, अब हर हवा के रुख को मोड़ना छोड़ दिया ; राहो पे चलतें हैं हम अपनी मौज में, हमे देख कर अब कुत्तो ने भौकना छोड़ दिया ||

Thursday, October 1, 2009

भूल गए हैं लोग खुदा को

"भूल गया हैं हर कोई खुदा को,
खाए हैं कसम तेरा ,
हर शक्स हैं दीवाना तेरा इस शहर में,
जब से देखा हैं चेहरा तेरा "


"चहल पहल सी रहती हैं तेरी गली में,
खोये रहतें हैं इसी पहेली में,
क्यों अब ना शुबह होती हैं ना रात,
तेरे आने के बाद इस गली में "

"लौट आतें मौत की गलियों से भी हम,
गर कोई पुकारने हमे उन गलियों को जाता "

"ख्वाब क्या हर तस्वीर में नज़र आतें हम,
गर कोई हमें भूले से याद कर जाता "

"पतझड़ क्या रेगिस्तान में भी नज़र आता बसंत,
गर कोई मेरी आँखों में झाकने की जुर्रत कर जाता "

Monday, June 29, 2009

आज ये मन उदास हैं............भाग-२

आज ये मन उदास हैं.............,
वो सुर्ख लबों की लाली,
जैसे खिलतें गुलाब की कली,
उसी लाली को याद करके,
आज ये मन उदास हैं...............
उसकी होठो की वो मुस्कुराहट,
जैसी हल्की बरसात की आहट,
उसी आहट को याद करके,
आज ये.....................हैं
हमने कभी देखा था समां को,
मेरे लिए जलतें हुयें,
कभी सोचा था उनको उनकी राह चलतें हुए,
उसी राह को आज याद करके,
आज ये मन................हैं
एक मन को मन से जुदा करके,
चल दिए वो ख़ुद को हमसे खफा करके,
उसी गम-ऐ-जुदाई में ख़ुद को जला के,
आज ये मन उदास हैं